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श्री योगी आदित्यनाथ
माननीय मुख्यमंत्री
श्री आशुतोष टंडन
माननीय शहरी विकास मंत्री
श्री राकेश कुमार सिंह
अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
इज़हार खॉं
अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
  • नगर पालिका परिषद बांगरमऊ उत्तर प्रदेश
  • नगर पालिका परिषद बांगरमऊ
  • नगर पालिका परिषद बांगरमऊ उत्तर प्रदेश
महत्वपूर्ण वेबसाइट
www.india.gov.in
www.righttoinformation.gov.in
www.shasanadesh.up.nic.in
www.sudaup.org
www.up.gov.in
www.unnao.nic.in
www.jansunwai.up.nic.in
www.rcueslucknow.org
www.urbandevelopment.up.nic.in
नगर पालिका परिषद बांगरमऊ
परिचय
हम कौन हंै?
हम स्थायी शासन की वह संस्था हैं जिसे नगरीय स्थानीय निकाय कहते हैं। उत्तर प्रदेश में नगरीय स्थानीय निकायों की कई श्रेणी हैं और हमें नगर पालिका प्रकार की स्थानीय निकाय के रूप में वर्गीकृत किया गया है। हम वह संस्था हैं जिसको हमारे लिए निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में जीवन जीने योग्य बनाने का आदेश मिला है। हमारा संगठन भारतीय संविधान के अनुसार संवैधानिक प्रबन्धों के अनुसार किया गया है। सन 1992 में संसद ने 74वें संशोधन घोषित किया जिसने हमारे अस्तित्व को एक रूप रेखा प्रदान की। उत्तर प्रदेश सरकार अधिनियमों में आवश्यक परिवर्तन करके स्थानीय निकाय पर शासन कर रही है।

हमारा प्रबंधन
स्थानीय सरकार की एक संस्था होने के कारण हमारे दोनो अंगों में भिन्नता हैः-
1. व्यवस्थापक अंग
2. प्रशासकीय अंग

व्यवस्थापिका सभा एक शासकीय निकाय है। उस भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के द्वारा यह शासकीय निकाय चयनित किया जाता है। भौगोलिक क्षेत्र को निर्वाचकीय वार्डो में बांटा गया है। प्रत्येक वार्ड अपना एक प्रतिनिधि शासकीय निकाय में भेजने हेतु चुनता है। शासकीय निकाय के अन्य सदस्य हैं:-
1. विधान सभा सदस्य
2. संसद सदस्य
3. नगर पालिका आयुक्त
4. जिलाधिकारी

शासकीय निकाय हेतु चुनाव, राज्य (चुनाव) निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित कराये जाते हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति चुनाव में वोट देने के योग्य होते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया राज्य निर्वाचन आयोग से सम्पर्क करें जिसका कार्यालय जिला लखनऊ में है। शासकीय निकाय संवैधानिक (ढांचों) रूपरेखा के अन्तर्गत कार्य करती है और विभिन्न अधिनियम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाये जाते हैं।
प्रशासकीय अंग अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका के नेतृत्व में होता है। नगर पालिका अधिकारी अक्सर राज्य सरकार अधिकारी होता है और हमारे राज्य सरकार द्वारा हमें प्रतिनिधित्व के रूप में कार्य करने हेतु होता है। स्थानीय निकाय के अधिकारियों की टीम उसकी सहायता करती है। स्थानीय निकाय के मानव संसाधन के विषय में अधिक जानकारी इस वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

वैधानिक प्रबन्ध
संसद के द्वारा घोषित 74वें संसोधन अधिनियम में निम्न मुख्य प्रबन्ध हैं:
74वें संवैधानिक संशोधन की रूपरेखा से सम्बन्धित कुछ परिवर्तन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किये गये हैं जिनमें से कुछ निम्न हैं:-
1. राज्य निर्वाचन आयोग की स्थापना करना।
2. राज्य वित्त आयोग की स्थापना करना।

हम क्या करते हैं?
राज्य सरकार के द्वारा हमारे लिए निर्दिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में जीवन को एक स्मरणीय अनुभव बनाने हेतु हम असंख्य कार्य करते हैं। कुछ कार्य निम्न हैं:-
1. मार्ग प्रकाश की व्यवस्था करना और रात्रि में उचित मार्ग प्रकाश को सुनिश्चित करना।
2. जल आपूर्ति की देख रेख करना एवं नागरिकों के लिए उचित मात्रा में जल की प्राप्ति सुनिश्चित करना।
3. रोड निर्माण कार्य तथा उसका अनुरक्षण करना।
4. अन्य नगरीय कार्यों का भी प्रबन्ध जैसे:-
(क) जन्म मरण के रजिस्ट्रेशन करवाना और आवश्यक प्रमाण पत्र निर्गत करना।
(ख) उद्यानविद्या के क्षेत्र में विकास करवाना।
(ग) पार्कों का विकास एवं देखरेख करवाना।